मैंने जयपुर में एक अजीब चीज़ नोटिस की है। कई पुराने पार्कों का रिनोवेशन किया जा रहा है, लेकिन कई जगह पार्क की बाउंड्री वॉल पहले से ही अच्छी हालत में थी। फिर भी उसे तोड़कर लगभग उसी मटेरियल से दोबारा बनाया जा रहा है। मैंने यह वरुण पथ पुलिस स्टेशन के पास, न्यू सांगानेर रोड के करीब देखा। वहां पार्क की दीवार में कोई बड़ा नुकसान नहीं था, लेकिन पहले उसे तोड़ा गया और फिर दोबारा बनाया गया। ऐसी ही चीज़ मैंने राजत पथ, मानसरोवर में भी देखी। वहां भी दीवार ठीक हालत में थी, लेकिन अब उसे हटाकर नई आयरन फेंसिंग लगाई जा रही है। अगर कोई चीज़ पहले से सही हालत में है, तो उसे दोबारा बनाने की क्या ज़रूरत है? यह डेवलपमेंट कम और सरकारी पैसों की बर्बादी या भ्रष्टाचार ज्यादा लगता है। क्या जयपुर में और लोगों ने भी यह चीज़ नोटिस की है?

Sign in to interact with this post
Sign In